⚔️ कुरुक्षेत्र – धर्म के नाम पर युद्ध या आत्मा की पुकार?
मुख्य पात्र: युधिष्ठिर (राजा), भीष्म (गुरु), श्रीकृष्ण (मार्गदर्शक), द्रौपदी, दुर्योधन स्थान: कुरुक्षेत्र युद्ध के बाद विषय: युद्ध की नैतिकता, धर्म बनाम करुणा, आत्मग्लानि, शांति की खोज 🌾 कहानी की जड़: महाभारत का युद्ध समाप्त हो चुका है। हस्तिनापुर का सिंहासन युधिष्ठिर को मिल गया है, लेकिन उनके मन में शांति नहीं है। वे पूछते हैं…
