Jazbaat Ki Duniya नाम नहीं था उस रिश्ते का ByKitaabGhar07 19-August-202520-August-2025 वो रोज़ आती थी उसी वक़्त, उसी मोड़ पर। मैं भी वहीं होता था बस यूँ ही, बिना वजह। ना उसने कभी कुछ कहा, ना मैंने कभी कुछ पूछा। बस एक खामोशी थी जो हर दिन थोड़ी और गहरी होती जाती थी। कभी-कभी उसकी आँखें कुछ कहती थीं, जैसे कोई अधूरी बात… जो लफ़्ज़ों में…